Diwali Puja Muhurat 2023 आज दिवाली पर बन रहे 8 शुभ योग, इस मुहूर्त में पूजा करने से साल भर रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा, जानिए लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

Diwali Puja Muhurat 2023: दिवाली की तैयारियां शुरू हो चुकी है । हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में दिवाली का प्रमुख स्थान है। पूरे देश मे इसे बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है । इसे कार्तिक अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों मे लक्ष्मी-गणेश, भगवान राम, माता सीता , मां सरस्वती और हनुमानजी की पूजा करते है । दिवाली के दिन घर की साफ-सफाई और सजावट करने के साथ लक्ष्मी-गणेश के पूजन से धन-दौलत में बरकत होती है और घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।

Diwali Puja Muhurat 2023
Diwali Puja Muhurat 2023

जिससे परिवार के सदस्यों को कभी भी धन की तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है। इस बार दीपावली पर कई ऐसे शुभ योग भी बन रहे हैं, जो लक्ष्मी पूजन से लेकर नए कामों की शुरुआत के लिए शुभ रहेंगे। इनमें हर वर्ग के लोग (घर, दुकान, ऑफिस और कारखाने में) अपने हिसाब से खास मुहूर्त में पूजा कर सकते हैं। आइए साल 2023 में दिवाली का शुभ मुहूर्त की सारी डिटेल्स जानते हैं।

दिवाली कब है (Diwali Kab Hai)

साल 2023 में कार्तिक माह की अमावस्या तिथि का आरंभ 12 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर होगा और 13 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर समाप्त होगा। दिवाली के दिन प्रदोष काल में लक्ष्मी-गणेश के पूजन का बड़ा महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिवाली प्रदोष काल और महानिशीथ काल व्यापिनी अमावस्या में मनाई जाती है। इसमें प्रदोष काल का महत्व होता है। इसलिए इस साल 12 नवंबर 2023 को दिपावली मनाई जाएगी।

ज्योतिष शास्त्र में दिवाली के पूजा में प्रदोषकाल महत्वपूर्ण होता है। प्रदोष काल मानक समय शाम 5.11 बजे से 6.23 बजे तक रहेगा। लक्ष्मी-गणेश पूजा एवं खाता पूजन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 5.27 से 7.23 के बीच वृष लग्न में शुभ होगा। इसके अलावा शाम 6.41 से लेकर 8.58 तक वृश्चिक लग्न, दोपहर 12.51 से 2.22 तक कुंभ लग्न और रात में 11.55 से 2.09 तक सिह लग्न विद्यमान रहेगा।

Diwali Puja Muhurat 2023 स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन का समय (Laxmi Puja Time 2023)

प्रात: काल का समय :- प्रात: 08:09 से दोपहर 12:12 तक

दोपहर का समय :- दोपहर 01:32 से दोपहर 02:52 तक

अभिजित मुहूर्त :- प्रात: 11:48 से दोपहर 12:34 तक

सर्वश्रेष्ठ पूजन का समय :- सायं 06:01 से सायं 06:16 (इसमें प्रदोषकाल, स्थिर वृषलग्न तथा कुम्भ का नवांश भी रहेगा।)

प्रदोष काल :- सायं 05:35 से रात्रि 08:14 तक

वृषलग्न :- सायं 05:51 से रात्रि 07:48 तक

सिंह लग्न :- मध्यरात्रि 12:21 से अंतरात्रि 02:37 तक

शुभ-अमृत- चर का चौघड़िया :- सायं 05:35 से रात्रि 10:33 तक

लाभ का चौघड़िया :- मध्यरात्रि 01:51 से अंतरात्रि 03:31 तक

शुभ का चौघड़िया :- अंतरात्रि 05:09 से अंतरात्रि 06:47 तक

डिसक्लेमर

इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। 

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